Wednesday, 6 January 2016

मै बेटी हूँ।

मै बेटी हूँ
मेरी करुण पुकार सुनो
मुझे मत मारो
मुझे मत सताओ,
मै माँ हूँ
मै बहु हूँ
मै देवी हूँ
तुम मेरी हर रूप में पूजा करते हो
मै भी ईश्वर का अंश हूँ
फिर मेरी भूर्ण हत्या क्यों,
मेरे साथ दुराचार क्यों,
मेरा शोषण क्यों
क्योकि मै एक अबला हूँ।
मेरे लिए तुगलकी फरमान
उनके लिए मन के अरमान।
मेरे लिए रोक
उनके लिए  शौक।
मेरे लिए इज़्ज़त
उनके लिए शान।
मेरे साथ इतना अन्याय क्यों
जवाब दो जवाब दो।
मै आने पर दुर्गा भी बन सकती हूँ
और अन्नपूर्णा भी,
झाँसी की रानी
और किरण बेदी भी,
मै साइना भी चित्रलेखा भी।

No comments:

Post a Comment