अपनी कहानी खुद लिखेंगे....
थोड़ा वक्त लगेगा पर हम, अपनी कहानी खुद लिखेंगे,
किरदार हमारे होंगे, संवाद हमारे होंगे,
थोड़ा वक्त लगेगा पर हम, अपनी कहानी खुद लिखेंगे।
हम वो साया बनेंगे किसी का, जो अँधेरे में भी नजर आयेंगे।
कहानी का मजा तभी तो आएगा, कहानी का शीर्षक कुछ यूँ नजर आएगा,
सारी उम्र सोचा जिसे, खोजा जिसे, हमने जिसमें,
वो ही हमें किसी में न मिल पाएगा।
गुजर गयी उम्र सारी किसी को किसी में ढूढने की,
अब कहानी का मजा युहीं आएगा।
कहानी के मुख्य बिंदु कुछ ऐसे होंगे....
जब हम सही होंगे तो साबित नही करेंगे,
न कोशिश करेंगे,
वक्त हमे सही होने की गवाही खुद देगा,
और सुनो जिंदगी की कहानी ऐसे ही चलती और बदलती रहेंगी।।
-डॉ श्रवण बघेल
“गुरु भाई”
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