कुछ कही कुछ अनकही बातें....
कुछ मनकही बातें, कुछ मन से कही बातें।
कुछ अपनो से बातें,कुछ अपनों की बातें।
कुछ मन को अच्छी लगी बातें, कुछ मन को बुरी लगी बातें।
कुछ यादें भरी बातें, कुछ भूलने जैसी
बातें।
बातों के खेल में उलझी बातें, इस खेल में सुलझी बातें।
वो पसंद सी बातें वो नापसंद सी बातें।
वो सच से भरी बातें वो झूट समझाती बातें।
कुछ अच्छी और कुछ बुरी बातें।
आपके लिए प्यार बरसाती बातें कभी कभी अपनो के लिए ज़हर उगलती बातें।
पास लाती बातें, कभी दूर ले जाती बातें।
सिलसिलेवार बातें, फिर वो कभी न दोहराने वाली
बातें।
कभी पास और कभी दूर ले जाती बातें।
कुछ कही कुछ अनकही बातें।
आपकी हमेशा याद दिलाती वो प्रेरणा देने वाली बातें।।
मेरी सीने में बसी आपके लिए सम्मान की बातें।
मैं कभी किसी को न कह पाऊँ ऐसी कुछ ख़ास बातें।
बातों के सिलसिले में अब बस यूँही ख़त्म होती बातें।
ज़िंदगी एक किताब है यहीं सच कहती ये बातें।
कभी ख़ाली वक्त में आपकी याद दिलाती बातें।।
-डॉ श्रवण बघेल
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