जिंदगी में दोस्त....
जिन्दगी में दोस्त बेशक एक हो, मगर ऐसा हो,
जो लब्जों से ज्यादा ख़ामोशी को समझे।
दोस्त जिंदगी में एक चैन की तरह है जैसे साईकिल को चलाने के लिए एक “चैन”
की जरुरत होती हैं, वैसे ही जिंदगी को चलाने और बेहतर बनाने के लिए एक दोस्त
की....
-डॉ श्रवण बघेल “गुरु भाई”
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